भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई ‘आतंकवादी’ टिप्पणी का गंभीर संज्ञान लिया और इस मुद्दे पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह घटनाक्रम मंगलवार को तब सामने आया जब निर्मला सीतारमण समेत तीन केंद्रीय मंत्रियों के एक भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से संपर्क कर कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान पर उनके खिलाफ “कड़ी से कड़ी कार्रवाई” की मांग की। इसे भी पढ़ें: ‘Rahul Baba की संगत में बिगड़ी Kharge की भाषा’, PM Modi पर बयान से भड़के Amit Shahमंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) की मोदी के साथ गठबंधन करने की आलोचना की थी। कांग्रेस नेता ने बाद में अपने इस बयान पर स्पष्टीकरण दिया। इस बयान के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खरगे के इस बयान को न केवल मोदी का, बल्कि 14 लाख भारतीयों का अपमान बताया। इसे भी पढ़ें: PM Modi पर Kharge के ‘विवादित बोल’ से घमासान, BJP ने Election Commission में की शिकायतचेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए खरगे ने एआईएडीएमके के भाजपा के साथ गठबंधन करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ये एआईएडीएमके के लोग, जिन्होंने खुद अन्नादुराई की तस्वीर लगाई, वे मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वह एक आतंकवादी है। उसकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती। ये लोग उनके साथ जुड़ रहे हैं; इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आपको ऐसे नेताओं की जरूरत है जो भाजपा के सामने न झुकें और डटकर मुकाबला करें, वही हैं एमके स्टालिन। आज एआईएडीएमके अपनी पहचान खो चुकी है। यह भाजपा की मूक-गुलाम सहयोगी बन गई है। यह तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर सकती, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की गुलाम बन चुकी है।
