राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे पर दुख जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद अब बिहार की सत्ता पर ‘गुजरात का राज’ होगा। मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी के लिए रास्ता खोल दिया है। उन्होंने दावा किया कि जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा, वह जनता की पसंद का चेहरा नहीं होगा।विचारधारा की लड़ाई और गंभीर आरोपतेजस्वी यादव ने अपनी बात जारी रखते हुए नीतीश कुमार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा महात्मा गांधी का नाम लेते थे, लेकिन अब वह उन लोगों को मौका दे रहे हैं जो गांधी जी के हत्यारों की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। तेजस्वी ने कहा, ‘नीतीश कुमार नाथूराम गोडसे की विचारधारा वाली पार्टी को अवसर दे रहे हैं। वह उन लोगों को सत्ता में ला रहे हैं जिन्होंने कर्पूरी ठाकुर जी को हमेशा अपमानित किया। मुख्यमंत्री कोई भी बने, सच यही है कि अब बिहार को गुजरात से चलाया जाएगा।’
#WATCH | Patna, Bihar: RJD leader Tejashwi Yadav says, “If he (Nitish Kumar) is resigning (as the CM), he is establishing a party with an ideology of those who assassinated Mahatma Gandhi. CM used to take the name of Bapu. But now, he is giving an opportunity to the BJP. He has… pic.twitter.com/GO2qy04eb5— ANI (@ANI) April 14, 2026
इसे भी पढ़ें: RJD से JDU तक में रहे सम्राट, BJP में आकर बने बिहार की सियासत के चौधरी, कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोहसम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए मुख्यमंत्रीइसी बीच, बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इसे भी पढ़ें: मेरे जीवन में पहली बार… Arvind Kejriwal की मांग पर Delhi High Court की जज हुईं हैराननीतीश कुमार के 21 साल के शासन का अंतयह सारा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब नीतीश कुमार ने पटना के लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) को अपना इस्तीफा सौंप दिया। नीतीश कुमार पिछले 21 वर्षों से बिहार के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने हाल ही में 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी, जिसके बाद उनका इस्तीफा तय माना जा रहा था।
