केरल के नेट्टायम में दो रिश्तेदारों के बीच शुरू हुआ एक निजी संपत्ति विवाद देखते ही देखते राजनीतिक जंग में तब्दील हो गया। इस घटना में भाजपा और माकपा (CPIM) के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हिंसा हुई, जिसमें बीच-बचाव करने पहुंचे तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पार्टियों के कुल 94 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे बवाल की शुरुआत नेट्टायम के मलमुकल इलाके में रहने वाले दो रिश्तेदारों के बीच जमीन को लेकर हुए विवाद से हुई। इनमें से एक पक्ष भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ा है। दूसरा पक्ष मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थक है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन रविवार रात को यह विवाद सड़क पर आ गया और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के जमा होने से स्थिति अनियंत्रित हो गई।इसे भी पढ़ें: N Chandrababu Naidu Birthday: Politics के ‘Kingmaker’ चंद्रबाबू नायडू का 76वां बर्थडे, जानें कैसे लिखी दमदार Comeback की कहानी प्राथमिकी के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में सिविल पुलिस अधिकारी दीपू और शिबू तथा वट्टियूरकावु पुलिस थाना प्रभारी विपिन एसी शामिल हैं।
प्राथमिकी में कहा गया है कि माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक टीम रात करीब 8.30 बजे मलमुकल स्थित सेंट सेबेस्टियन चर्च के पास पहुंची।इसे भी पढ़ें: North Korea Cluster Bomb Test | किम जोंग उन ने दागीं ऐसी मिसाइलें जो आसमान से बरसाएंगी तबाही! थर्राए अमेरिका और जापान!
प्राथमिकी के अनुसार, माकपा के एक कार्यकर्ता ने कथित तौर पर सीपीओ दीपू के सिर पर पत्थर से हमला किया, जबकि एसएचओ विपिन एसी पर एक भाजपा कार्यकर्ता ने हमला किया।
इसी तरह, सीपीओ शिबू पर भी लाठी से हमला किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना दो रिश्तेदारों के बीच जमीन विवाद से उपजी है, जिनमें से एक भाजपा कार्यकर्ता और दूसरा माकपा समर्थक है, जिन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत और जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी।
