जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक भ्रामक और फर्जी नोटिस का कड़ा खंडन किया है। इस कथित नोटिस में दावा किया गया था कि विश्वविद्यालय आगामी रमजान के महीने के दौरान परिसर में साथ दिखने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ‘निकाह’ की व्यवस्था करने की योजना बना रहा है।इसे भी पढ़ें: Madhya Pradesh बनेगा औद्योगिक हब! रेल मंत्री Ashwini Vaishnav ने दी ₹48,000 करोड़ की परियोजनाओं और नए ‘फ्रेट कॉरिडोर’ की सौगात विश्वविद्यालय ने परिपत्र में कहा है कि 20 फरवरी की कथित सूचना पूरी तरह से फर्जी है और उसके अधिकारियों द्वारा ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों से संदेश को गंभीरता से न लेने का आग्रह किया है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इसका उद्देश्य संस्थान की छवि को धूमिल करना है।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि फर्जी नोटिस के प्रसार के संबंध में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।संस्थान की छवि बिगाड़ने की साजिशविश्वविद्यालय के आधिकारिक बयान के अनुसार:इस फर्जी संदेश का उद्देश्य केवल संस्थान की छवि को धूमिल करना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना प्रतीत होता है।प्रशासन ने छात्रों, कर्मचारियों और जनता से आग्रह किया है कि वे ऐसे शरारती संदेशों को गंभीरता से न लें और न ही इन्हें साझा करें।इसे भी पढ़ें: ‘उम्मीद है गाजा में नरसंहार का मुद्दा उठाएं प्रधानमंत्री’, PM Modi के Israel दौरे पर Priyanka Gandhi का तंज कानूनी कार्रवाई और पुलिस में शिकायतजामिया प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी रास्ता अपनाया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि: इस फर्जी नोटिस को फैलाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। आईटी एक्ट के तहत दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।छात्रों के लिए सलाहविश्वविद्यालय ने अपील की है कि किसी भी आधिकारिक सूचना के लिए केवल जामिया की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत संचार माध्यमों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अपुष्ट दस्तावेजों से भ्रमित होने से बचें।