दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। समिति ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को राज्य पुलिस अधिकारियों के ‘आचरण’ को लेकर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया है।इसे भी पढ़ें: सिक्किम में भूकंप का सिलसिला: ग्यालशिंग में 4.5 तीव्रता के झटके, आधी रात के बाद 12 बार हिली धरती समिति ने इस मामले में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी जवाब मांगा है।
इससे एक दिन पहले दिल्ली विधानसभा ने इस मामले में पंजाब के डीजीपी और पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के खिलाफ विशेषाधिकार जांच शुरू करने का निर्णय लिया था।इसे भी पढ़ें: Western Nepal Accident | नेपाल में मातम में बदलीं खुशियाँ: शादी की बस खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत, 45 घायल
मामला छह जनवरी को दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सिख गुरु तेग बहादुर के बारे में आतिशी की कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
पंजाब पुलिस ने भाजपा नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए घटना के कथित वीडियो के आधार पर जालंधर में प्राथमिकी दर्ज की थी।राजनीतिक टकराव और वैधानिक सवालयह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक रंग भी ले चुका है। दिल्ली विधानसभा की समिति का मानना है कि सदन के भीतर दिए गए भाषणों और कार्यवाही के लिए किसी सदस्य के खिलाफ बाहरी पुलिस कार्रवाई करना संसदीय विशेषाधिकारों का हनन हो सकता है।आप का पक्ष: पार्टी का कहना है कि सत्र के भीतर की कार्यवाही सदन के नियमों के अधीन होती है और बाहरी पुलिस का इसमें हस्तक्षेप गलत है।भाजपा का पक्ष: भाजपा का आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना अपराध है और पुलिस अपनी कानूनी जिम्मेदारी निभा रही है।