पाली के समाचार और अपडेट्स

ई-विशेषांक

​नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के आरोपी को मौत की सजा दी जाए: अनिल देशमुख 

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख ने शनिवार को पुणे जिले में चार वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न और उसकी हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की।
उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों पर यौन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्तावित शक्ति अधिनियम को लागू करने के मामले में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का भी आरोप लगाया।
यह घटना भोर जिले के एक गांव से सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 65 वर्षीय आरोपी बच्ची को भोजन का लालच देकर बहला-फुसलाकर मवेशियों के बाड़े में ले गया, जहां उसने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और उसकी हत्या कर दी।
इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए, देशमुख ने एक्स पर कहा कि महाराष्ट्र दिवस पर इस तरह की शर्मनाक घटना का होना राज्य के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की कि मामले की त्वरित सुनवाई हो और आरोपी को तुरंत फांसी की सजा दी जाए।
राकांपा (एसपी) नेता ने दावा किया कि जानकारियों से पता चलता है कि आरोपी ने पहले भी छोटे बच्चों का यौन उत्पीड़न किया है।
उन्होंने कहा, ऐसे अपराधी समाज में कैसे खुलेआम घूमते हैं? महा विकास आघाडी सरकार के कार्यकाल में जब मैं गृह मंत्री था, तब हमने शक्ति अधिनियम को मंजूरी दी थी, जिसे केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
उन्होंने कहा, जब राज्य में इस कानून की तत्काल आवश्यकता है, तो केंद्र और राज्य सरकार इसे लागू करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर समय बर्बाद कर रहे हैं।
देशमुख ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में महिलाओं और लड़कियों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार शक्ति अधिनियम को लागू करने के बारे में गंभीर नहीं है।
उन्होंने कहा, अगर यह कड़ा कानून लागू होता, तो इस राक्षस (आरोपी) को 15 दिन के भीतर मौत की सजा मिल जाती।
महाराष्ट्र विधान परिषद ने मार्च में सर्वसम्मति से भारतीय न्याय संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया, जिसमें एसिड हमले के पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा से संबंधित शक्ति विधेयक के प्रावधान शामिल किए गए हैं और ऑनलाइन यौन उत्पीड़न के मामलों में कारावास की सजा सुनिश्चित की गई है।
यह विधेयक पहले राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया जा चुका था।
गृह विभाग का कामकाज भी देख रहे मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि शक्ति विधेयक 2020 में राज्य विधानसभा द्वारा पारित किया गया था और राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने बाद में इसे वापस भेज दिया था। 

See More results...

Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Post Type Selectors
Enable Notifications OK NO