पुडुचेरी में 09 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी सियासी दल अपनी अपनी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। राज्य में जहां एक ओर सत्ताधारी दल फिर से सत्ता में वापसी करने की कोशिश कर रही है। तो वहीं विपक्षी पार्टी केंद्र शासित प्रदेश में फिर से सत्ता पाने के लिए संघर्ष करने को तैयार है। पुडुचेरी में 33 सदस्यीय विधानसभा में 30 निर्वाचित सीटें शामिल हैं। जिनमें से तीन सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाता है।कांग्रेस के लिए बड़ा दांवपुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश में साल 2006 में कांग्रेस के बाद से कांग्रेस के बाद से कोई नई सरकार नहीं चुनी गई हैं। कांग्रेस ने साल 2016 में सत्ता में वापसी की थी। लेकिन साल 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी जीत नहीं हासिल कर सकी थी। बता दें कि साल 1964 में जब राज्य में पहले चुनाव हुए थे, तो कांग्रेस एक प्रमुख शक्ति बनकर उभरी थी। और 30 में से 22 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था।इसे भी पढ़ें: Puducherry Politics: कभी नगण्य थी मौजूदगी, अब Puducherry में Power Player बनी BJP, जानें कैसे बदली Politicsपार्टी का अस्तित्व बचेगा या पुनरुद्धार होगाचुनाव पूर्व सर्वेक्षण के आधार पर कांग्रेस प्रतिस्पर्धी प्रचार के बाद भी सत्ताधारी दल की गति को तोड़ने के लिए संघर्ष करती दिख रही है। राज्य की राजनीति में कांग्रेस के सामने ‘अस्तित्व या पुनरुत्थान’ की दुविधा है। 16 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद भी इस पुरानी पार्टी को राज्य का दर्जा देने की मांग और स्थानीय विकास के मुद्दों को संबोधित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
