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​Tamilnadu Profile: जब Madras का नाम बदलकर हुआ Tamil Nadu, हजारों साल पुराना है इतिहास 

हर साल 18 जुलाई को तमिलनाडु दिवस मनाया जाता है। दरअसल, 1967 में सी एन अन्नादुरई द्वारा मद्रास राज्य के नाम को बदलकर तमिलनाडु करने के प्रस्ताव की याद में मनाया जाता है। हालांकि राज्य का गठन 01 नवंबर 1956 को हुआ था। जिसको पहले स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता था। बता दें कि 18 जुलाई 1967 को तमिलनाडु विधानसभा ने राज्य का नाम ऑफिशियल रूप से ‘मद्रास’ से बदलकर ‘तमिलनाडु’ करने का प्रस्ताव पारित हुआ था।स्थापना दिवस01 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत भाषाई आधार पर मद्रास राज्य का गठन हुआ था। वहीं साल 2021 में तमिलनाडु की सरकार ने 01 नवंबर की जगह 18 जुलाई को तमिलनाडु दिवस के रूप मनाए जाने का फैसला किया गया। क्योंकि इसी दिन राज्य को उसका वर्तमान नाम मिला था।  इतिहासबता दें कि तमिलनाडु का इतिहास हजारों साल पुराना है। यह मुख्य रूप से चेर, चोल और पांड्य राजवंशों के शासनकाल से निर्मित हुआ है। यह राज्य द्रविड़ संस्कृति का केंद्र रहा है, जहां पर पल्लव काल में वास्तुकला फली-फूली थी। संगम साहित्य और प्राचीन मंदिर राज्य के गौरवशाली अतीत के गवाह रहे हैं, जोकि आधुनिक भारत का एक प्रमुख भाषाई और सांस्कृतिक राज्य है। भाषा और धर्मवहीं तमिल संस्कृति तमिल लोगों की संस्कृति है। तमिल संस्कृति साहित्य, संगीत, रंगमंच, चित्रकला, मूर्तिकला, मीडिया, कॉमेडी, परंपराएं, रीति-रिवाज, साइंस, टेक्नोलॉजी, धर्म, भोजन और फिलॉसफी आदि में व्यक्त की जाती है।यहां पर बहुत से धर्म के लोग रहते हैं। इनमें हिंदू, मुस्लिम, क्रिश्चन और जैन धर्म के लोग शामिल हैं। साल 2011 की भारतीय जनगणना के मुताबिक यहां पर 87.58% हिंदू, 6.12% लोग क्रिश्चन, 5.86% लोग इस्लाम धर्म के और 0.12% लोग जैन धर्म के हैं।राजनीतिक पार्टियांवर्तमान समय में तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ दलों का प्रभुत्व है। यहां पर डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम), एआईएमडीकेआई (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ) राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल हैं। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी भी यहां के प्रमुख दल हैं। इसके अलावा अन्य छोटे दल भी तमिलनाडु की राजनीति का हिस्सा हैं।लोकसभा और विधानसभा सीटेंतमिलनाडु राज्य में कुल 39 लोकसभा सीटें और 243 विधानसभा सीटें हैं। हर पांच साल में राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं। राजनीतिक परिदृश्य से देखा जाए, तो राज्य की प्रमुख पार्टियां डीएके और एआईएडीएमके हैं, जो अक्सर गठबंधन में चुनाव लड़ती हैं।सियासी सफरसाल 1960 के दशक में के कामराज के नेतृत्व में तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी का दबदबा था। इसके बाद साल 1967 में सी.एन. अन्नादुरई के नेतृत्व में डीएमके ने हिंदी विरोधी आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस पार्टी को शिकस्त देकर पहली बार राज्य में गैर-कांग्रेसी सरकार बनाई। फिर साल 1972 में एम जी रामचंद्रन ने खुद को डीएमके से अलग कर लिया और अपनी पार्टी AIADMK बनाई और साल 1977 से लेकर 1987 तक शासन किया।इसके बाद राज्य की सत्ता डीएमके और एआईएडीएमके के बीच बंटी रही। वर्तमान समय में एम के स्टालिन तमिलनाडु के सीएम हैं। साल 2021 में एम के स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने भारी बहुमत में विजय प्राप्त की थी।लोकसभा सीटें- 39विधानसभा सीटें – 243वर्तमान सीएम- एम के स्टालिनअनुमानित जनसंख्या- 7,76,09,000अनुमानित पुरुष जनसंख्या- 3,61,37,975अनुमानित महिला जनसंख्या- 3,60,09,055साक्षरता दर:- लगभग 80.09% 

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