पाली के समाचार और अपडेट्स

ई-विशेषांक

​Digvijay Singh Birthday: 79 के हुए Digvijay Singh, राघौगढ़ से Delhi तक ऐसा रहा ‘दिग्गी राजा’ का 54 साल का सियासी सफर 

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज 28 फरवरी को अपना 79वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिग्विजय सिंह अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। वह साल 1993 से लेकर 2003 तक सीएम रहे हैं। विरोधी भी उनकी विनम्रता के कायल हैं। वह कभी भी अपने विरोधियों के खिलाफ अक्रामक नहीं होते हैं। लेकिन अपने विरोधियों को झुकाए बिना वह निश्चिंतता से भी नहीं बैठते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर दिग्विजय सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…जन्म और परिवारमध्यप्रदेश के इंदौर में 28 फरवरी 1947 को दिग्विजय सिंह का जन्म हुआ था। दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राघौगढ़ रियासत के राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। उनको राजनीति विरासत में मिली थी। इनके पिता बलभद्र सिंह भी विधायक थे।सियासी सफरवहीं साल 1969 में महज 22 साल की उम्र में दिग्विजय सिंह ने राघौगढ़ नगर पालिका का चुनाव जीता था। जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने 54 साल के राजनीतिक सफर में उन्होंने राघौगढ़ से दिल्ली तक के सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।दो बार बने एमपी के सीएमदिग्विजय सिंह दो बार मध्यप्रदेश के सीएम रहे। साल 1993 से लेकर 2003 तक सीएम रहने के दौरान दिग्विजय सिंह ने कई कार्यकाल में अहम काम किए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले और गरीबों के सशक्तिकरण, भागीदारी और सुधार जैसे काम किए हैं। इसके अलावा शिक्षा गारंटी योजना के जरिए प्राथमिक और प्राथमिक शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच बनाई। उन्होंने स्वास्थ्य वितरण प्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए एक सहभागितापूर्ण जलग्रहण विकास कार्यक्रम, रोग कल्याण समिति,  जिला गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम और जन स्वास्थ्य रक्षक-अग्रिम सरकारी प्रणाली इनमें शामिल हैं।दिग्गी राजाबता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति में पू्र्व सीएम दिग्विजय सिंह का दबदबा आज भी है। वह अक्सर देश और राज्य की राजनीति में सुर्खियों में रहते हैं। प्रदेश की राजनीति में दिग्विजय सिंह ने अहम भूमिका निभाई है। साल 1984 में पीएम राजीव गांधी ने पूरे देश से युवा कांग्रेसियों को अपने कोर ग्रुप में जोड़ा था। इस दौरान दिग्विजय सिंह लोकसभा सांसद थे और उसी समय दिल्ली में डिनर पार्टी थी। इसमें कांग्रेस के कई बड़े नेता और पत्रकार शामिल थे।इस डिनर पार्टी में एक अखबार के संपादक दिग्विजय सिंह से बात कर रहे थे। इस दौरान वह उनके नाम का सही तरह से उच्चारण नहीं कर पा रहे थे। जिसके चलते संपादक दिग्विजय को दिग्गी राजा कहकर बुलाने लगे। क्योंकि यह नाम छोटा और आसान था। इसी के बाद दिग्विजय सिंह का नाम दिग्गी राजा पड़ गया। 

See More results...

Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Post Type Selectors
Enable Notifications OK NO